विचारों की जागृतता

हेरोल्ड शेरमन (harold sherman) नाम का एक लेखक और नाटककार था | रेडिओ के एक नए कार्यक्रम के नूतनीकरण में उसे वचन दिया गया कि आप के साथ हम कायम स्वरूपी करार करते है लेकिन कुछ ही महिने बाद उनको कुछ भी न देकर वहाँ से हटाया गया | इसके कारण उसे बहुत सी आर्थिक और मानसिक परिस्थितीयोंका सामना करना पड़ा | मन में बार-बार अन्याय के खिलाफ झुँझने के विचार आते थे | अधिकारीयों के द्वारा किया हुआ विश्वासघात उसके मन मे बदले की भावना पैदा कर रहा था | वह खुले आम यह भी कहता था कि मेरे मन मे उन अधिकारीयों का खून कर दू, इतना तिरस्कार है | उस नफरत के कारण कुछ ही समय मे उसके शरीर मे बिमारीयाँ आने लगी | उसके गले की अत: त्वचा मे fungus infection होने लगा | कई इलाज भी किए गए परंतु कोई असर नही हुआ | जब उसने उस नफरत को ख़त्म किया, उन अधिकारीयों को माफ़ किया तब उसकी व्याधी मे सुधार आया | वैद्यकीय उपचार और बदली हुई मानसिकता ने उसे यातना मुक्त किया |

वर्तमान समय एक ओर हम विकास की ओर आगे बढ़ रहे है लेकिन दूसरी ओर प्रतिस्पर्धा, आधुनिकता, वस्तुओं का संग्रह ——- भी बढ़ रहा है, जिससे विचारों का प्रदुषण हो रहा है | हम जिस प्रकार के विचार करते है उसका असर हमारे शरीर पर अवश्य होता है | विचार एक ऊर्जा है, जो निरंतर इस देह को सकारात्मक या नकारात्मक प्रवाहित हो रही है | जितनी सकारात्मकता बढ़ती है उतना शरीर स्वस्थ, निरोगी रहता है, परंतु मन मे अगर भावनिक द्वंद्व हो, गुस्सा, चिड़चिड़ापन, असंतोष जैसी नकारात्मक भावना हो तो शरीर में मधुमेह, रक्तदाब, कैन्सर, जैसी बिमारीयाँ घर कर लेती है | एक बार इन बिमारीयों ने अपना स्थान बना लिया फिर इससे छुटकारा पाना बड़ा मुश्किल |

जैसे शरीर के किसी अंग को बार-बार चोट लगे तो वह अंग या शरीर का हिस्सा कमजोर हो जाता है या जब तक वह पूरी तरह से ठीक न हो तब तक उसे संभालना जरुरी हो जाता है | वैसे ही बार-बार आनेवाली परिस्थितीयाँ मन पर भी बुरा असर कर जाती है | अगर हम बार-बार दुःखी, नाराज, परेशान, चिंताग्रस्त हो रहे है, तो मन भी इन विचारोंसे कमजोर बन जाता है | मन को निरोगी बनाने के लिए अटेन्शन से श्रेष्ठ विचारों का भोजन देने की जरुरत है | छोटे बच्चे को जैसे पोषक आहार जबरदस्ती से खिलाना पड़ता है वैसे ही हम इस मनरूपी छोटे बच्चे को थोड़े-थोड़े समय मे शुद्ध, सकारात्मक विचार देते रहे | कुछ दिनों के इस अभ्यास से भी हमारा मन भावनिक रित्या मजबूत बन सकता है |

एक अच्छी माँ घर के सभी कार्य करते हुए बच्चे को संभालती है, उसपर नजर रखती है | हम भी सभी कार्य करते हुए इस विचारों के प्रवाह को बार-बार चेक करे, कही गलत दिशा मे तो नही सोच रहा है ? कही गलत सोच चल भी रही हो तो बड़े प्यार से उसे समझाकर सही रास्ते ले आए | कहा भी जाता है ‘ मन को दमन न करो लेकिन सुमन बनाओ’ | आज किसी इन्सान को पूछो आपको खाने मे क्या पसंद है , तो कुछ चटपटे, मसालेदार पदार्थ उसमे जरूर होंगे | कोई भी करेले की सब्जी पसंद नही करेगा बल्कि सेहत के लिए वो गुणकारी है | श्रेष्ठ, शुभ विचार भी मन के लिए गुणकारी है परंतु जैसे कोई करेले की सब्जी के दो-चार टुकड़े ही खा सकता है, ज्यादा नही वैसे ही मन मे लगातार श्रेष्ठ चिंतन करना हमारे लिए करेले की सब्जी की तरह है | आयुर्वेदा मे सेहत को ठीक रखने के लिए सुबह खाली पेट कोई ज्युस या कोई दवाई खाने के लिए कहा जाता है | समझते है उसका असर ज्यादा होता है | मन के लिए भी वही technique है | कोई कारोबार शुरू करो उसके पहले हम भी दिन की शुरुआत श्रेष्ठ विचारों से करे जिसका असर लम्बे समय तक चलता है | सुबह का समय और उसमे अच्छे विचारों का सेवन करे जिसके कारण दिनभर आनेवाली अनेक परिस्थितीयों को पार करने की शक्ति हमे मिल जाती है | मन की सेहत भी अच्छी रहती है |

आज सभी तंदुरुस्ती के लिए जितने जागृत हुए है, उतने ही विचारों के लिए भी जागृत हो जाए क्यों कि आज विज्ञान भी इस बात को मानता है कि जो भी आज रोग हो रहे है, वह 80 % मनोदैहिक है | मन से उत्पन्न होने वाले विचारों का असर है | इसलिए मन को स्वस्थ करने पर पूरा ध्यान दे | ‘ मन स्वस्थ तो तन स्वस्थ ’ हो जाएगा |

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26 Comments

  1. Om shanti didi.superb.mindblowing.v.useful with thoughtful interpretation.Excellent 👌👌🌹

  2. It’s too good regarding awareness of thoughts which v often keep on thinking unnecessary.Presentation is superb didi.God bless u always👌👍👑🙏.keep going sister.🌷

  3. Bahut bahut acchhese gyanyukt presented.Navinypurn.Abhinandan.Aesahi aage bhadhte chalo hum sabki shubh kamnae sada sath haihi.Awareness is highly required nowadays.Thanx didi dilse.👍🙇🌷

  4. Bahut hi achha aur sahaj tarika apne bataya hai kaise ham mansik bimariyo se bach sakte hai Jo vishva mae charo aur fail chuki hai v nice thanks

  5. Superb.wonderful.wah kya bat haiji.Thanks for sharing such useful articles.v all should proud.Abhinandanji.

  6. Right now it looks like BlogEngine is the preferred blogging platform
    available right now. (from what I’ve read) Is that what you are using
    on your blog?