संघर्ष

 

दुनिया में कई फिलोसोफर्स ने जीवन की कई परिभाषाए बताई है | ‘Life is a journey, Life is a Game’ ….. कईयों ने जीवन को संग्राम भी कहा है | इस जीवन मे हम सभी भी अनुभव करते है कि यह एक युद्ध का मैदान बन गया है जहाँ हमारा कइयों के साथ संघर्ष है |

 

स्कूल लाइफ मे हमने सुना है कि दो धातुओं का घर्षण या झाड़ की दो टालीयों का भी घर्षण होता है तो आग या चिंगारी जलती है | वैसे ही दो मनुष्यों के भिन्न विचार भी जब एक-दूसरे से टकराते है तो वहाँ संघर्ष पैदा होता है | वर्तमान समय मन की कमजोरी के सहन करना, सामना ………  यह सारी शक्तियों का ऱ्हास होते हुए देख रहे है | संघर्ष होने की बाते वास्तव मे बहुत छोटी होती है परंतु एक-दूसरे की भावनाओं को समझने की चेष्टा तक कोई कर नही पाता |  हर कोई यही सोचता है कि ‘ मै राइट हु, सामनेवाला गलत है ’ लेकिन रूककर हम अपने को तथा अन्य को भी समझे तो वास्तव मे दोनो भी अपनी जगह राइट ही है | संकुचित विचारधारा मनुष्य को दुःखी बना देती है |  दो टालियाँ या दो वृक्ष आपस मे टकराते है तो जंगल को भी आग लग जाती है वैसे ही दो मनुष्यों के भिन्न विचार टकराए तो घर भी युद्ध का मैदान बन जाता है | सभी पर उस वातावरण का असर होता है |

 

सुखी जीवन बनाने के लिए, संघर्ष को खत्म करने के लिए एक छोटासा परिवर्तन लाना है | इस संघर्ष शब्द को थोड़ा अलग ढंग से पढ़कर देखे ‘संग + हर्ष ’ इस जीवन मे हमे जो भी मिले है वह किसी जन्म के कोई संबंध है जिसके कारण मिले है | वह वही हमे लौटा रहे है जो हमने उनको दिया है | हर परिस्थिती के पीछे उसका कुछ कारण है, उसको समझने की जरुरत है | दुनिया मे एक कविता पढ़ी थी जिसका शीर्षक था ‘ कुछ तो कारण होगा ’ | लेकिन जब संघर्ष का समय होता है हम उस कारण को जानने की तो इच्छा रखते है मगर समझने की नहीं |

 

हर मनुष्य के जीवन मे किसी न किसी घटना को या व्यक्ति को लेकर ‘ मेरे साथ ऐसा क्यू ’ ये सवाल उठता है | उस क्यू की लंबी कतार बन जाती है और हम जवाब के लिए हमेशा भटकते हुए नजर आते है | संघर्ष = संग + हर्ष के equation को समझ ले | हर व्यक्ती के साथ हमारे सुख, दुःख के बंधन बंध चुके है | हम सभी अनुभव भी करते है कि जिस व्यक्ति से हमे प्यार मिला, वही शक्स हमारे दुःखों का कारण बनता है | उन दिनो मे उनके साथ बिताए हुए अच्छे पल याद भी नहीं आते | इनके बारे मे अच्छा सोचे जैसे हमारे लिए मुमकीन हो जाता है | लेकिन उसी समय हमे अपने को सकारात्मक बनाने की जरुरत है | जैसे बुखार आता है तो हम तुरंत दवाई ले लेते है वैसे ही जब किसी के प्रति नफरत आ जाए तभी उसके लिए अच्छी सोच रखकर अपने मन को कमजोर होने से बुरा होने से बचाए | क्यों कि काँच का कोई भी बर्तन या शिशा एक बार टूट जाए, हम उसे किसी सोल्यूशन से चिपकाए भी मगर उसकी वो दरार दिखाई देती है उसे मिटाना असंम्भव हो जाता वैसे ही टुटा हुआ दिल, बिगड़ी हुई भावनाए भी शिशे की तरह है | उन्हे टूटने न दे |

 

हम जिनके साथ रहते है, सम्पर्क मे आते है, हर किसी के व्यवहार को देखे, समझे फिर प्रत्यूत्तर दे | अगर कोई कड़वाहट नजर आए तो खुद भी कड़वे न बने बल्कि उस समय मौन हो जाए | अपने और दूसरे को थोडासा परिवर्तन होने के लिए सहयोग दे | जीवन के कुछ लम्हे हमारे पास है, उसे ख़ुशी – ख़ुशी बिताने का लक्ष रखे | हर एक के संग हर परिस्थिती मे हर्षित रहने का नियम बनाए | बुराई मे भी अच्छाई को ढूंढने की आदत डालो | इसी आदत से मेरा तथा सभी का भला होगा | व्यर्थ सोचने, बोलने, सुनने तथा शक्तियों ऱ्हास होने से बच जाएंगे |

 

हर परिस्थिती मे हर्षित रहने के लिए अच्छी सोच जरुरी है क्योंकि वह हमारे तन और मन दोनो पर असर करती है |  कहते है खुश रहने से आधी बिमारी दूर हो जाती है | किसी और के लिए नही परंतु स्वयं के लिए खुश रहो | आपने देखा होगा कोई डान्स करता है तो जो उदास है वह भी थोडासा क्यू नही लेकिन झूमता जरूर है | ऐसे ही हमारी खुश रहने की आदत औरों के दिलो को भी हर्षाएगी |

 

दूसरी बात, कोई मुझे कुछ भी दे लेकिन मुझे औरों को ख़ुशी देनी है | कोई कैसा भी हो लेकिन मुझे उनको अच्छा देना है, यह सोच भी आपसी संघर्ष को ख़त्म कर देंगे | क्योंकि हमे औरों को क्या देना है यह हमारी अपनी choice है या सबके संग हर्षित रहना है, खुश रहना है इसका निर्णय तो हम ही ले सकते है |

 

परिवर्तन जीवन का नियम है |  परिवर्तन के लिए तयार रहे या धैर्य धरे | हर एक व्यक्ती, वस्तु, प्रकृती से जुडी हर एक बात को परिवर्तन होना ही है | जो आज है, वो कल नही होगा, सब कुछ बदल जाएगा |

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