दृढता

वर्तमान समय हर मनुष्य समस्याओ के चक्रव्यूह मे घिरा हुआ दीखाई देता है| यह कोरोना काल जैसे परीक्षा काल बन गया है| इस समय आनेवाली नवनवीन समस्या हमारे अंदर की शक्तीयो को, गुणो को टटोल रही है| ऐसे मे सभी समस्याओ को शांती से पार करना एक चुनौती बन गयी है| अचानक नौकरी का इस्तिफा हाथ मे आ जाता है तब आगे जीवन मे क्या करे, कैसे करे, कहा जाये.. ऐसे कई सवाल खडे हो जाते है| लेकिन उस समय पर अपने आत्मविश्वास को बनाए रखना , फिर से नई शुरुवात करना उसके लिए दृढता आवश्यक है| कोई भी प्रकार की समस्या हो या चुनौती हो उसको पार करने के लिए दृढता की जरूरत है| कुछ कर दीखाने का हौसला हो| कभी-कभी हम परिस्थितीयो के वार से थक जाते है, अपने आपसे ही पूछते है आखिर कब तक? लेकिन इसका जवाब है ‘ अंत तक ’| जब तक जीना है, परिस्थिती का सामना अंतिम सांसो तक करना है इसलिए अपनी दृढता को बनाए रखे|

दुनिया मे ऐसे कई लोग होकर गये जिन्होने जन्म से ही परिस्थितीयोको झेला लेकिन सभी के सामने एक उदाहरण बन गये, जैसे ‘जेसीका कॉक्स’| जिनको जन्म से ही दो हाथ नही थे लेकिन महिला पायलट के रूप मे जाना जाता है| उसके साथ कराटे, पियानो भी सीखे| वह कहते है की ‘मैने कभी ये नही सोचा की मुझे हाथ नही है तो क्या करू लेकिन जिनको हाथ है वो जो नही कर सकते वह सबकुछ कर दिखाऊ ये सोच रखी| हाथ न होने का गम कभी महसुस नही किया|’ वो अपने सारे कार्य दो पैरो के बल पर करते है| जन्म से ही कुछ कमीयो को लेकर आये लेकिन ऊन कमीयो पर मात कर के दिखायेगे यह दृढता आज उन्हे जीवन मे सफल होने का एहसास करा रहे है| इसलिए कहते है ‘दृढता सफलता की कुंजी है’| सारे बंद तालो को खोलने की चाबि है|

ईन्सान का जीवन ‘साप सिढी’ के खेल की तरह है| कब कोई कहा से उपर चढ जाता है और कब कोई कहा से नीचे गिर जाता पता ही नही चलता| लेकिन कितने भी उतार-चढाव आये फिर भी जीवन पथपर चलते रहने की दृढता जरूर हो| कोई समस्या आने के बाद अगर व्यर्थ की चिंता मे फॅस गये तो वह परिस्थिती हमे बहुत बडी लगने लगती है| लेकिन मन मे संकल्प किया की ‘कोई बात नही इसे भी पार कर लेंगे’ तो यह सोच ऑक्सीजन का काम करती है| रुकी हुए सांसे चलने लगती है| कयू, क्या, कैसे, कब, कहा यह सारे सवाल हमारी उम्मीदो की सांसो को रोक लेते है| इसलिए सर्वप्रथम हम अपने मन को शांत रखे| क्युकी शांत मन हर समस्या का समाधान दिलाता है| जैसे पानी जितना स्थिर और स्वच्छ होता है उसके अंदर की हर चीज स्पष्ट दिखाई देती है वैसे ही हमारा मन अगर स्थिर और विचार शुद्ध, सकारात्मक है तो हर उलझन का उपाय दीखाई देता है, सही राह मिल जाती है| और सही राह पर चलने की दृढता हमारे मे है तो पहाड जैसी परिस्थिती को भी सहज पार कर सकते है| इसलिए विजयी होना है तो दृढता को बनाए रखे|

निरंतरता और दृढता यह सफलता पाने के दो आधार है| जैसे नवरात्रि मे कोई नौ दिन उपवास करते है, कोई एक दिन ही कर पाता है| जिन्होने लक्ष तक पहूचने का पक्का संकल्प किया हो वही दृढता से कर पाते है| जीवन मे भी तन की स्वस्थता के लिए व्यायाम करना हो या गलत आदतो को मिटाना हो या कुछ पाने के लिए की गयी मेहनत हो हर एक को बरकरार रखने के लिए दृढता का होना जरूरी है|

‘कुछ कर दिखायेगे’ यह दृढ संकल्प हमे आगे बढाता है| हारे हुए ईन्सान को चालणे का सहारा देता है| इसलिए समस्याओंसे डरे नही| कभी निराशावादी न बने| मनुष्य जीवन एक परीक्षा हॉल है| यहा हर एक को हर प्रकार की परीक्षा देनी है| अपनी मंजिल पर समय पर पहुचना हो तो दृढता का हाथ पकडकर चलते चले|

You may also like