खुशनुमा जीवन

मनुष्य जीवन अनेक घटनाओंसे, प्रसंगोंसे…. भरा हुआ है | वर्तमान समय जिसे आधुनिक युग, स्पर्धात्मक युग कहा जाता है |  जिस में हर इन्सान कही न कही, किसी न किसी रिती से शामिल हुआ है | ऐसे जटिल समस्याओ में स्पर्धा में रहते हुए खुश रहना, ये तो जैसे सभी के लिए challenging है | आज अगर कोई tension free दिखाई देता है तो हमारे मन में सवाल उठता है कि  ‘कैसे हो सकता है कि tension न हो ?  टेंशन तो होना ही चाहिए’  अर्थात तनाव में रहना यह एक सामान्य बात मानी जाती है और तनावमुक्त रहना हमारे लिए असाधारण बात हुई है |

खुश रहने के लिए या खुशियाँ मनाने के लिए भारतवर्ष में कई त्यौहार, प्रसंग मनाए जाते है, जिस से मनुष्य सामाजिक कर्तव्यों में जुड़ा रहे और खुश भी  रहे | बात तो बड़ी अच्छी है लेकिन यह खुशीयाँ साल में कितने दिन या मास मनाएंगे | त्यौहार पूरा हुआ और ख़ुशी गायब |   इन्सान खुश रहने के कई तरीके अपनाता है जैसे पार्टी में जाना, घूमना, क्लब में जाना या फिर खरीदारी (shopping).  कुछ नहीं तो व्यसनों को अपनी ख़ुशी का आधार बना लेता है | मगर इन सभी से हमें खुशीयाँ कहाँ मिलती है ?  फिर भी हमारा दामन खाली ही रहता है | यह आधार आज है कल नहीं होंगे | जैसे कोई चीज मिली, कोई पदार्थ खाया या फिर किसी ने अच्छे से बात की फिर मैं  खुश रहू, अगर यह हमारी आदत बनायी है तो यह बातें हमेशा नहीं हो सकती | फिर हमें ‘ कभी खुशी कभी गम ’ में ही जीना पड़ेगा |

जैसे गर्मी का मौसम हो तो हम AC लगाते है, पंखा तेज करते है  लेकिन जब तक वह काम कर रहे है तब तक मुझे सकुन मिलेगा | अगर किसी कारण  से वह बिगड़ गए तो मेरी ख़ुशी भी बिगड़ गयी | जीवन को खुशनुमा: बनाने के लिए हमें ये सोचना होगा कि ‘ कोई भी बात मेरे सोचने अनुसार हो या न हो लेकिन मुझे खुश रहना है ’| ये संकल्प भी बहुत मदद करेगा |   हर बात में क्या अच्छा है वह ढूँढने की आदत को अपनाया तो आधी समस्याए  वहाँ पर ही ख़तम हो जाएगी | हमारे दुःखी विचार हमारे ख़ुशी को गायब करते है | हम सभी के जीवन में बहुत सरे सुखद पल आए होंगे, जो भी व्यक्ती हमारे जीवन में है उनके साथ ख़ुशी से पल बिताए होंगे उन सभी पलों को याद करके देखिए, आपको अच्छा महसूस होगा |  लेकिन हम वो सब न करके बार-बार बुरे पल,  नुकसान वाली घटनाओं को याद करते है और अपने अमूल्य वर्तमान को गम में बिताते है |

हमारा मन एक memory card है | आपने उस में क्या save किया है वो थोड़ा रूककर देखे | अगर कोई काम की बाते नहीं है, भले वो दृश्य हो या किसी की कही हुई बात हो जिसे sms कह सकते है ऐसे photos, sms, videos  हम delete कर दे|    दिनभर में भी कुछ अच्छा पढ़े, देखे, सुने..   उस से हमारा memory card (मन) भरे |  जब कभी वक्त मिले या फिर रूककर भी उन पलों को याद करें |  आप अनुभव करेंगे कि मेरी सोच का परिवर्तन ही मुझे ख़ुशी दिला रहा है |

लोग त्योहारों के दिन या फिर अच्छे प्रसंग के दिन खुश रहते है लेकिन आप इस बात को जाने ‘ जब आप खुश हो तब आप के लिए त्यौहार है ’|  आपने ये जाना होगा कि जिस दिन आपका मूड अच्छा होता है उस दिन आपको अलग-अलग पदार्थ बनाने की दिल होती है लेकिन जिस दिन मूड ऑफ़ होता है उस दिन आपको एक पानी का ग्लास उठाना भी मुश्किल होता है | आपकी क्षमता आपके विचारों के अनुसार कम या ज्यादा होती है | इसलिए खुशनुमा: जीवन के लिए कोई साधन, व्यक्ती, पदार्थ की आवश्यकता नहीं लेकिन उसके लिए ख़ुशी से भरे विचारों की जरूरत है | जैसे गुलाबजामुन में अगर छाचनी कम हो तो मजा नहीं आता , वड़ा  चटपटा न हो तो अच्छा नहीं लगता ऐसे ही विचार तो आ रहे है लेकिन उस में ख़ुशी न हो तो जीवन में मजा नहीं आता |

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